7. प्रबंधन में निर्णय लेना
परिभाषा,
प्रकार और आठ-चरणीय प्रक्रिया
निर्णय लेना (Decision Making) प्रबंधन की सबसे बुनियादी और प्रभावशाली क्रियाओं
में से एक है। यह किसी भी संगठन की दिशा और सफलता को निर्धारित करने में
महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रबंधकों द्वारा लिए गए निर्णयों की गुणवत्ता और
समयबद्धता संचालन की दक्षता, कर्मचारियों की भावना, ग्राहक संतुष्टि और दीर्घकालिक स्थायित्व को गहराई से
प्रभावित करती है।
निर्णय लेना कोई आकस्मिक या सहज क्रिया नहीं है। यह एक संरचित और तार्किक प्रक्रिया है, जो जानकारी, विश्लेषण, अनुभव और दूरदर्शिता पर आधारित होती है। प्रबंधन की प्रत्येक क्रिया—चाहे वह योजना (Planning), संगठन (Organizing), स्टाफिंग (Staffing), निर्देशन (Directing) या नियंत्रण (Controlling) हो—किसी न किसी रूप में निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़ी होती है। अतः निर्णय लेने की कला और विज्ञान प्रभावी प्रबंधन की जड़ में निहित है।

