25. प्रबंधन में तनाव प्रबंधन (Stress
Management)
तनाव मानव जीवन का एक अवश्यंभावी हिस्सा है। यह उस मानसिक
और शारीरिक प्रतिक्रिया को दर्शाता है, जो व्यक्ति तब अनुभव करता है जब उस पर डाले गए माँग,
चुनौतियाँ या दबाव उसकी
प्रभावी रूप से सामना करने की क्षमता से अधिक हो जाते हैं। प्रबंधन के क्षेत्र में
तनाव एक गंभीर चिंता का विषय बन जाता है क्योंकि यह सीधे न केवल व्यक्ति के कल्याण
को प्रभावित करता है, बल्कि
संगठन की समग्र कार्यक्षमता, मनोबल और उत्पादकता को भी प्रभावित करता है।
कार्यस्थल पर तनाव अक्सर नौकरी की आवश्यकताओं और व्यक्ति की क्षमता, संसाधनों या आवश्यकताओं के बीच असंतुलन के कारण उत्पन्न होता है। प्रबंधकों और कर्मचारियों से अक्सर अपेक्षा की जाती है कि वे तुरंत निर्णय लें, तेजी से बदलते वातावरण में ढलें, और व्यक्तिगत दायित्वों व पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखें। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो तनाव बढ़ता है और इसके नकारात्मक परिणाम व्यक्ति और संगठन दोनों पर पड़ते हैं।

